लॉकडाउन के बीच आगरा केंद्रीय कारागार से 11 कश्मीरी बंदी रिहा

आगरा केंद्रीय कारागार से शुक्रवार को 11 कश्मीरी बंदी रिहा किए गए। जम्मू-कश्मीर शासन ने इन बंदियों पर की गई कार्रवाई को निरस्त कर रिहाई का परवाना भेजा था। जेल प्रशासन ने सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कश्मीरी बंदियों को रिहा किया। इससे पहले भी कश्मीरी बंदी रिहा हो चुके हैं। 
केंद्रीय कारागार में तीन बार में जम्मू-कश्मीर से 85 बंदी आगरा लाए गए थे। जम्मू-कश्मीर शासन ने कश्मीरी बंदी जिला बिजबेहरा निवासी बशीर अहमद मलिक, पुलवामा के मोहम्मद अशरफ शेख, बारामूला के समीर अहमद भट, श्रीनगर के तुफैल अहमद जल्दार, बारामूला के आबिद रशीद सोफी उर्फ इबा, वसीम अहमद मल्ला, नजीर अहमद वानी, उमर फारूख भट, लतीफ अहमद कालू, अब्दुल अहद रेथर और कुपवाड़ा के परवेज अहमद के विरुद्ध की गई लोक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) की कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। लॉकडाउन के कारण बंदियों के परिजन पास लेकर आगरा आए थे।


केंद्रीय कारागार के जेलर शिव प्रताप मिश्र ने बताया कि 11 कश्मीरी बंदियों को रिहा किया गया है। जम्मू-कश्मीर शासन से आए रिहाई परवाने के आधार पर बंदियों को रिहा किया है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन बंदियों को रिहा किया गया। अब तक जेल से 29 कश्मीरी बंदी रिहा हो चुके हैं।


जिला कारागार से पांच छूटे


जिला कारागार से पांच बंदियों को रिहा किया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक, दो बंदी हाईकोर्ट और दो बंदी सेशन कोर्ट से जमानत के बाद छोड़े गए हैं। वहीं एक बंदी को अंतरिम जमानत मिली।